आत्मा और चेतना चेतना जीवन का लक्षण है। यह स्वयं आत्मा नहीं है; वरन् आत्मा का गुण है। जैसे गर्मी और प्रकाश अग्नि का आविर्भाव हैं लेकिन वे स्वयं अग्नि नहीं हैं। आत्मा स्वयं तो चेतन है ही, अन्य पदार्थ से संबद्ध होने पर उसे भी चेतनता प्रदान करती है। इसीलिए जड़ पदार्थ से निर्मित यह शरीर आत्मा की उपस्थिति से चेतन के समान कार्य करता है। मृत्यु होने पर, जब आत्मा शरीर से निकलती है, तब यह शरीर एक बार फिर से जड़ हो जाता है। https://youtube.com/playlist?list=PLa... #jkyog #jkyogindia #SwamiMukundananda #swamimukundanandahindi #aatma #soul #chetana #consciousness